Satire: ताऊ राज़ क्या है चीन गांव में लोकप्रियता का ? जाते-जाते ये तो बताता जा !

By Bhupesh Pant ताया जी सुबह से सारा सामान पैक करके बैठे हैं। ज़िद ठान रखी है कि पड़ोस के चीन गाँव जाना है। ‘अरे भई, क्यों जाना है चीन गांव जो खुद चल कर इधर आ रहा है।’ ताया जी पर इन बातों का कोई असर नहीं। बोलते हैं, ‘न कोई इधर आया है … Read more

Media: हथिनी की मौत! समाज की मानसिकता पर रोये या मीडिया पर !

Sushil Upadhyay मीडिया में किस तरह से एजेंडा सेट किया जाता है इसका बहुत प्रभावशाली उदाहरण केरल में हुई हथिनी की हत्या की घटना है। इस अमानवीय घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। यकीनन इस घटना से जुड़े कई कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक पहलू है, उन तमाम पहलुओं पर पूरा देश पिछले … Read more

USA: डोनाल्ड जे. ट्रम्प ने ‘बंकर’ में पनाह ली या फिर मुंह छुपाया!

Narayan Bareth उसे मास्क से परहेज था क्योंकि मुँह छुप जाता है लेकिन वक्त ने पलटा खाया , उसे बंकर में छिप कर पनाह लेनी पड़ी अभी फ़्रांस में मैक्रॉन राष्ट्रपति है ,वे बैंकर है अमेरिका में अब एक ‘बंकर राष्ट्रपति’ है ! अमेरिका में जगह जगह हिंसा हो रही है ,कर्फ्यू निस्तेज हो गया … Read more

Liquer Care: राज्य सरकारें शराब के सहारे ही करेंगी कोविड केयर!

By Rahul Singh Shekhawat पहले दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, फिर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ, और अब उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत। इन तीनों मुख्यमंत्रियों ने कोरोना से लड़ने के लिए शराब का सहारा लिया है। तीनों राज्यों ने देशी, अंग्रेजी औऱ विदेशी शराब पर Covid टैक्स लगा दिया है। दरअसल, कोरोना काल में जारी … Read more

Cartoon day: तौहीन और उपहास की नायाब कला है कार्टून

By Narayan Bareth दुनिया आज कार्टून दिवस मना रही है। भारत में राजनैतिक कार्टून का खासा महत्व रहा है। शंकर को भारत में कार्टून विधा का पितामह माना जाता है और आर के लक्ष्मण ने इस विधा को और आगे बढ़ाया। देश में अखबारों की संख्या बढ़ गई ,पन्ने भी बढ़ गए। लेकिन कार्टून ओझल … Read more

We the Indian: तो अब ज्यादा ‘उत्सवधर्मी’ हो गए हैं….. हम भारत के लोग!

By Rahul Singh Shekhawat सुना है सदाबहार फ़िल्म अभिनेता देव आनंद साहेब कहते थे कि मेरी मौत कोई रोयेगा नहीं और ना ही कोई आंसू बहाएगा। लगता है आज कोरोना ने उनकी आखिरी ख्वाहिश जरूर पूरी कर ही दी होगी। मैं दावा नहीं कर सकता कि मरने वालों के परिजन मातम में आतिशबाजी और पटाखों … Read more