सिद्धू चाहते क्या हैं ? अमरिंदर को हटा ‘कैप्टन’ न बनने से बेचैन हैं !

By Rahul Singh Shekhawat सिद्धू चाहते क्या हैं ? पंजाब में कैप्टन बनाम सिद्धू जंग अंतिम परिणति पर पहुंचने के बावजूद कांग्रेस में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। वहां कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया। लेकिन कांग्रेस कमेटी चीफ (PPCC) नवजोत सिंह सिद्धू उन पर भी … Read more

लव जिहाद ! यदि प्रेम है तो धर्म क्यों बदला जाए ?

By Sushil Upadhyay लव जिहाद (Love Jihad) का मुद्दा गाहे बगाहे चर्चा में रहता ही है। लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि किन्हीं भी दो युवा लोगों को साथ रहने, विवाह करने, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक या अन्य कोई गतिविधि करने का अधिकार प्राप्त है। साथ रहने या … Read more

बिहार चुनाव: सिर्फ रैलियों की भीड़ से नतीजे तय करने की जल्दबाजी न करें!

By Rahul Kotiyal लोगों का कम-धंधा ठप है, नौकरियाँ हैं नहीं और कोरोना ने महीनों तक उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों से दूर रखा है। इस सब के बीच चुनाव किसी मेले की तरह आया है। तो लोग इसमें खूब हिस्सा ले रहे हैं, बतकही की बैठकें लग रही हैं। और चुनाव के सामूहिक जश्न में फ़िक्र … Read more

बेलगाम खबरिया चैनलों के खिलाफ फिल्मी-जगत का गुस्सा जायज !

By Dr Vedpratap Vaidik देश के 34 फिल्म-निर्माता संगठनों ने दो टीवी चैनलों और बेलगाम सोशल मीडिया के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मुकदमा ठोक दिया है। इन संगठनों में फिल्मी जगत के लगभग सभी सर्वश्रेष्ठ कलाकार जुड़े हुए हैं। इतने कलाकारों का यह कदम अभूतपूर्व है। वे गुस्से में हैं। कलाकार तो खुद अभिव्यक्ति … Read more

अकालियों की BJPसे दूरी, किसानों के बहाने जनाधार बचाने का प्रयास !

By Rahul Singh Shekhawat अकालियों की BJPसे दूरी हो ही गई है। पंजाब (Punjab) में किसान आंदोलन के मद्देनजर  शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने एनडीए से नाता तोड़ लिया। इसके साथ ही उसकी भारतीय जनता पार्टी के साथ दशकों पुरानी दोस्ती भी खत्म हो गई। इस कड़ी में पहले तो हरसिमरत कौर बादल ने मोदी … Read more

Journalism ‘सार्वजनिक हित’ की राजनीति है, भ्रमित समाज पर टिकी साख !

By Pramod Joshi हरिवंश मूलतः पत्रकार हैं और लम्बे समय तक उन्होंने रांची के अखबार प्रभात खबर का सम्पादन किया। वे जेडीयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर राज्यसभा आए थे। यानी राजनेता के रूप में उनका प्रवेश संसद में हुआ था। जब उन्होंने इस रास्ते को पकड़ा था, तब मुझे ठीक नहीं लगा था … Read more

Highcourt का आदेश योगी सरकार के डॉ कफ़ील के प्रति पूर्वाग्रह की गवाही !

By Indresh Maikhuri इलाहाबाद (Allahabad) उच्च न्यायालय ने डॉ. कफ़ील खान की रिहाई का फैसला सुना ही दिया. डॉ.कफ़ील खान की माता नुजहत परवीन द्वारा दाखिल की गयी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus) पर फैसला सुनाते हुए इलाहबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश,न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने डॉ.कफ़ील खान की रिहाई … Read more

Nepal की भारतीय चैनल्स को चपत! रिश्ते बिगाड़ने वाले प्रसारण पर रोक !

Sushil Upadhyay नेपाल सरकार ने भारत के निजी न्यूज़ चैनलों पर रोक लगा दी है। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि अब भारत और नेपाल के लोगों के बीच और ज्यादा गलतफहमियां नहीं बढ़ेगी।। यह बात मैं बहुत गंभीरता के साथ कह रहा हूं की भारत और नेपाल के रिश्ते में खटास बोने में … Read more

Rajasthan: गहलोत के बहाने भैरों सिंह शेखावत के राजभवन घेराव की यादें ताजा हुईं!

(राजस्थान में कांग्रेस में बगाबत के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने सरकार बचाने की चुनौती है। उन्होंने केंद्र के राज्यपाल पर दबाव के मद्देनजर विधायकों के साथ राजभवन में धरना दिया। ठीक ऐसे भाजपा के भैरोंसिंह शेखावत ने सरकार बनाने के लिए भी घेराव किया था) Narayan Bareth मंच भी वही मंडप भी वही … Read more

Media विमर्श: अमिताभ के पाजामे में कॉकरोच या फिर मीडिया की समझ में !

Sushil Upadhayay अमिताभ और उनके परिवार को कोरोना हुआ, इसके बाद हम सभी ने मीडिया के भीतर का माहौल देखा। कुछ लोगों को मलाल हुआ, कुछ को गुस्सा आया और कुछ लोग महानायक के स्वस्थ होने की कामना वाली खबरों में रम गए। यदि आपको ऐसा लगता है कि हमारा मीडिया अमिताभ को लेकर बहुत … Read more