Radio Day: स्वतंत्रता आंदोलन में रेडियो की भूमिका!
By Narayan Bareth उस शिकागो रेडियो को !यूँ तो नानक मोटवानी एक व्यापारी थे,लेकिन मोटवानी ने अपनी तिजारत को जंगे आज़ादी के नाम समर्पित कर दिया।1942 की बात है। गाँधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया। वतनपरस्ती हिलोरे मारने लगी।उसी वक्त सेनानियों को अपनी बात पहुंचाने के लिए रेडियो की जरूरत महसूस हुई। उसके … Read more