Radio Day: स्वतंत्रता आंदोलन में रेडियो की भूमिका!

By Narayan Bareth उस शिकागो रेडियो को !यूँ तो नानक मोटवानी एक व्यापारी थे,लेकिन मोटवानी ने अपनी तिजारत को जंगे आज़ादी के नाम समर्पित कर दिया।1942 की बात है। गाँधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया। वतनपरस्ती हिलोरे मारने लगी।उसी वक्त सेनानियों को अपनी बात पहुंचाने के लिए रेडियो की जरूरत महसूस हुई। उसके … Read more

Atal Bihari – Narsimha Rao दोनों ही विलक्षण प्रधानमंत्री थे!

(Atal Bihari – Narsimha Rao) 25 दिसंबर अटलबिहारी वाजपेयी का जन्म-दिवस है। 23 दिसंबर नरसिंहरावजी और स्वामी श्रद्धानंदजी की पुण्य तिथि थी। By Dr Vedpratap Vaidik इन तीनों महानुभावों से मेरी व्यक्तिगत और आध्यात्मिक घनिष्टता रही है। स्वामी श्रद्धानंद आर्यसमाज (Arya Samaj) और कांग्रेस के बड़े नेता थे। उन्होंने ही देश में गुरुकुल व्यवस्था को … Read more

Making of Sardar! तो गांधी के शिष्य पटेल ऐसे बने ‘सरदार’..!

By Pramod Sah (Making of Sardar) ‘भारत रत्न’ वल्लभ भाई पटेल गुजरात के नादियाड में एक किसान परिवार में 31 अक्टूबर 1875 को पैदा हुए थे। वह भारतीय राजनीति और समाज के आकाश में सरदार और लौह पुरुष के नाम से प्रसिद्ध हुए। वह 15 दिसंबर 1950 को दिवंगत होने तक एक ध्रुव तारे की … Read more

Nehru’s relationship with Uttarakhand अटूट बंधन है!

By Jai Singh Rawat Nehru’s relationship with Uttarakhand भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru का जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था।  देहरादून और अल्मोड़ा की खामोश जेलें बिन कहे उनका उत्तराखंड से नाता बयां करती हैं। दरअसल,  स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान Jawaharlal Nehru  करीब 3,259 दिन तक जेल में रहे। उन्होंने सबसे पहले लखनऊ … Read more

कुली बेगार आंदोलन: रक्तहीन गांधीवादी क्रांति के सौ साल !

By Prayag Pandey कुली बेगार आंदोलन उत्तराखंड में सदियों से चली आ रही एक अमानुषिक कुप्रथा से जुड़ा था। 1815 में यहाँ ईष्ट इंडिया कंपनी और 1858 में ब्रिटिश शासनकाल में यह कुप्रथा उत्तराखंड के भोले – भाले ग्रामीणों के शोषण का औजार बन गई थी।1863 -73 के दसवें भूमि बंदोबस्त में जे.ओ.बी. बेकट ने बड़ी … Read more

भारत में पुलिस: कोरोनाकाल में फ्रंट वॉरियर की भूमिका से बदली इमेज !

By Amit Srivastava किसी भी आपदा, दुर्घटना या अप्रिय स्थिति में फर्स्ट रेसपॉन्डर की अपनी भूमिका की वजह से पुलिस को भी कोरोना का दंश मिलना शुरू हो चुका है. इस विषाणु से अकेले मुंबई पुलिस के सौ जवान से ज़्यादा शहीद हो चुके हैं और पूरे महाराष्ट्र में लगभग पांच हज़ार पुलिस कर्मी संक्रमित. … Read more

सरदार भगत सिंह की जयंती पर ‘क्रांतिकारी’ पुरखे को याद करें !

By Indresh Maikhuri सरदार भगत सिंह का 28 सितंबर 1907 को जन्मदिवस है। 23 मार्च 1931 को वे आजादी और उस आजादी को जो लक्ष्य,उन्होंने तथा उनके साथियों ने घोषित किया था। यानि समाजवाद,उसका सपना अपनी आंखों में लिए 23 वर्ष की छोटी सी उम्र में हँसते-हँसते फांसी के फंदे पर झूल गए। Click here: तो … Read more

Hindi दिवस: खबरिया चैनल तमाशे के बावजूद ‘हिंदी’ के जनजागरण में मददगार!

By Rahul Singh Shekhawat भले ही खबरिया चैनल चाहे अथवा अनचाहे हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच युद्धोन्माद, हिन्दू-मुस्लिम, गाय-गोबर, प्रोपगेंडा और चिल्ला-चिल्ली की ज्यादा गंध फैला रहे हों। मौजूदा हालात की बात करें तो रिया चक्रवर्ती-कंगना रनौत औऱ सुशांत सिंह राजपूत मौत प्रकरण सुबह से शाम तक उनकी स्क्रीन पर छाया हुआ है। लेकिन इस बात से … Read more

15 अगस्त के बहाने ‘मेरे देश की धरती’ की याद आ आई !

By Lalit Mohan Rayal कोई राष्ट्रीय पर्व रहा हो या सरकारी जलसा. रामलीला रही हो या मेला, गुजरे दौर में ऐसा कोई मौका नहीं होता था, जब इस गीत को न सुना गया हो. लंबे अरसे तक यह गीत, मात्र एक गीत न होकर, एक खेतिहर देश का मिशन स्टेटमेंट बना रहा. गुजरे दौर में, … Read more

Kargil War: भारतीय फौज ने 26 जुलाई 1999 को जीती जंग, दुनिया की मुश्किल लड़ाइयों में है शुमार, 18 हजार फुट की ऊंचाई पर पाकिस्तान को खदेड़ा

News Front Live भारतीय सेना में वीरता और बलिदान की लंबी गौरवशाली परम्परा रही है।  कारगिल विजय दिवस फौज के उसी अदम्य साहस एवं शौर्य की एक स्मृति है। पाकिस्तानी फौज साल 1999 में नियंत्रण रेखा लांघकर तत्कालीन जम्मू एवं कश्मीर राज्य के कारगिल में घुस गई थी। लेकिन भारतीय सैनिकों ने आज के दिन … Read more