Uttarakhand: बेलगाम अफसरों के सामने बेबस मंत्री-विधायक, तो सरकार ऐसे होगा जनता का भला!

Rahul Singh Shekhawat एक बार फिर उत्तराखंड में अफसरशाही पर बहस छिड़ गई है। सवाल ये है कि वो बेलगाम हो गई या फिर त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार उस पर निर्भर है। या फिर जिल्ले इलाही के इशारे पर ही इरादतन अफसर साहेबान जनप्रतिनिधियों की बेइज्जती कर रहे हैं। सच जो भी हो लेकिन इन तीनों ही … Read more

Encounter: न्याय में देरी से लोगों में हताशा बढ़ी, इसलिए मुठभेड़ के पक्ष में जनभावना! लोकतंत्र में ‘त्वरित न्याय’ की प्रवृत्ति उचित नहीं है

Pramod Sah अभी कोई 7 माह पूर्व हैदराबाद में बलात्कार के आरोपियों के एनकाउंटर पर शुरू राष्ट्रीय बहस परवान नहीं चढ़ पाई कि कानपुर के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर ने ‘विधि स्थापित प्रक्रिया के तहत न्याय’ बनाम लोकप्रिय ‘त्वरितन्याय’ की बहस को तेज कर दिया है। वैसे तो एक लोकतांत्रिक समाज में इस प्रकार … Read more

आइये, अब थोड़ा-सा डर भी लें! पिछले एक महीने की तेज दौड़ का आह्वान!

Sushil Upadhyay जिस बात की आशंका थी, हम लोग कोरोना के मामले में लगभग उसी जगह पहुंच गए। इस वक्त अमेरिका और ब्राजील को छोड़ दें तो रोजाना सामने आने वाले मरीजों की संख्या के लिहाज से भारत तीसरा बड़ा संक्रमित देश बन गया है। यह बात अलग है कि संक्रमितों की कुल संख्या के … Read more

Media: हथिनी की मौत! समाज की मानसिकता पर रोये या मीडिया पर !

Sushil Upadhyay मीडिया में किस तरह से एजेंडा सेट किया जाता है इसका बहुत प्रभावशाली उदाहरण केरल में हुई हथिनी की हत्या की घटना है। इस अमानवीय घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। यकीनन इस घटना से जुड़े कई कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक पहलू है, उन तमाम पहलुओं पर पूरा देश पिछले … Read more

Indo-China बॉर्डर तनाव: भारतीय कूटनीति की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा! ड्रेगन के नापाक मंसूबे नाकाम करने की चुनौती

Pramod Sah यूं तो भारत एवं चीन के मध्य दुर्गम और विस्तृत खुली सीमा 3484 कि .मी. की है। जिसमें रोज ही सीमा का दो तरफा उल्लंघन होता ही रहता है। लेकिन पिछले सप्ताह चार महत्वपूर्ण स्थानों पर गलवान घाटी, अक्साई चीन, पौगंग झील, लद्दाख की गतिविधियां  निश्चित रूप से भारत को परेशानी में डालने … Read more

USA: डोनाल्ड जे. ट्रम्प ने ‘बंकर’ में पनाह ली या फिर मुंह छुपाया!

Narayan Bareth उसे मास्क से परहेज था क्योंकि मुँह छुप जाता है लेकिन वक्त ने पलटा खाया , उसे बंकर में छिप कर पनाह लेनी पड़ी अभी फ़्रांस में मैक्रॉन राष्ट्रपति है ,वे बैंकर है अमेरिका में अब एक ‘बंकर राष्ट्रपति’ है ! अमेरिका में जगह जगह हिंसा हो रही है ,कर्फ्यू निस्तेज हो गया … Read more

Special: जरा पीछे मुड़कर झांके! हिंदी पत्रकारिता के 194 साल! पहले चारण से गुप्तचर- फिर पत्रकार से चारण!

Prayag Pandey, भारत में हिंदी पत्रकारिता को आज 194 साल पूरे हो गए हैं।यूँ तो भारत में पत्रकारिता की शुरूआत सतयुग से मानी जाती है।तब देवर्षि नारद जी मानव कल्याण के निमित्त समाचारों का संप्रेषण किया करते थे।उनके समाचारों का देव लोक में व्यापक असर होता था।जब देवर्षि नारद जी को संवाददाता के रूप में … Read more

कोरोना काल ने त्रिवेंद्र को ‘रिवर्स पलायन’ नामक गीत में संगीत भरने का मौका दिया!

Rahul Singh Shekhawat उत्तराखंड में विभिन्न राज्यों से प्रवासियों की वापसी शुरू हो गई है। जिनमें अधिकांश राज्य के पहाड़ी इलाकों के निवासी हैं। बेशक स्थानीय लोगों का घर लौटना एक अच्छी बात है। लेकिन ये कड़वी हकीकत अवसरों की कमी के चलते वो पहले पलायन के लिए मजबूर हुए। अब कोरोना संकट की वजह … Read more

कोरोना काल सरीखा मजदूरों के कानूनों पर हमला तो आपातकाल में भी नहीं हुआ!

Prabhat Dabral कोरोना के बहाने मज़दूरों के कानूनों पर ऐसा भयंकर हमला कर दिया गया है जैसा इमरजेंसी में भी नहीं हुआ था। हम सोच रहे थे कि यूपी, एमपी और गुजरात ने अपने स्तर पर अस्थाई रूप से तीन साल के लिए श्रम कानून स्थगित किये हैं – ये उनका लोकल फैसला है। लेकिन … Read more

Liquer Care: राज्य सरकारें शराब के सहारे ही करेंगी कोविड केयर!

By Rahul Singh Shekhawat पहले दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, फिर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ, और अब उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत। इन तीनों मुख्यमंत्रियों ने कोरोना से लड़ने के लिए शराब का सहारा लिया है। तीनों राज्यों ने देशी, अंग्रेजी औऱ विदेशी शराब पर Covid टैक्स लगा दिया है। दरअसल, कोरोना काल में जारी … Read more