Society: कहीं कोरोना के खौफ ने खून और जज्बाती रिश्तों के बहम को बेपर्दा तो नहीं कर दिया!

Rahul Singh shekhawat मुझे अपने चैतन्य काल में याद नहीं है कि कभी हवा इतनी साफ रही होगी। जीवनदायिनी नदियों में अब पानी इतना साफ है कि करोड़ों की रकम ठिकाने लगाने के बाद भी वो शायद ही सपने में दिखा हो। पिछले एक पखवाड़े में सड़कें इस कदर खाली हैं कि किसी एक्सीडेंट की नौबत ही … Read more