15 अगस्त के बहाने ‘मेरे देश की धरती’ की याद आ आई !
By Lalit Mohan Rayal कोई राष्ट्रीय पर्व रहा हो या सरकारी जलसा. रामलीला रही हो या मेला, गुजरे दौर में ऐसा कोई मौका नहीं होता था, जब इस गीत को न सुना गया हो. लंबे अरसे तक यह गीत, मात्र एक गीत न होकर, एक खेतिहर देश का मिशन स्टेटमेंट बना रहा. गुजरे दौर में, … Read more