Hindi Diwas अंग्रेजीभाषियों से हिंदी में तू-तड़ाक जो होने लगी है!

Hindi Diwas भले ही मौजूदा दौर में खबरिया टेलीविजन चैनल चाहे अथवा अनचाहे हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच चाहे जितना युद्धोन्माद, हिन्दू-मुस्लिम, गाय-गोबर, प्रोपगेंडा और चिल्ला-चिल्ली की ज्यादा गंध फैला रहे हों।लेकिन 90 के दशक से निजी चैनलों के विस्तार ने हमारे देश में राष्ट्रभाषा हिंदी के जनजागरण में एक रूप में बड़ा योगदान दिया है। वरना … Read more

O My God ! जरूरी नही कि हर शराब हराम हो !

By Dr Pramod Pahwa O My God ! बेशक किसी भी तरीके की मनसुआत या नशा हराम है, शराब उसमें अव्वल नंबर पर समझी जा सकती है। मगर कुछ हलकों मे कभी कभी कसम तोड़ना मजबूरी बन जाती है। विदेशी यात्राओं और डिप्लोमेटिक मेल मुलाक़ातो के दौरान wine उसका अहम हिस्सा होती है। सिर्फ ईरान, … Read more

Demonetisation Day : सनक जयंती घोषित हो जाना चाहिए !

By Akhilesh Dimri Demonetisation Day ये नोटबंदी की पाँचवीं बरसी है, मैं इस अवसर पर पुराने पांच सौ और हजार के नौटों की शहादत पर उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। हे प्रश्नगत नोटों ……! काला धन और विकास के नाम पर पाँच वर्ष पहले आज की तिथि को हुआ। तुम्हारा सर्वोच्च … Read more

विरोध का प्रोटोकॉल नहीं ! त्रिवेंद्र को Kedarnath के ‘दर्शन’ नहीं !

विरोध का प्रोटोकॉल नहीं होता ! (Editor’s Note) केदारनाथ धाम में त्रिवेंद्र को ‘दर्शन’ नहीं करने दिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रदेश BJP अध्यक्ष मदन कौशिक और मंत्री डॉ धन सिंह रावत के साथ गए थे। बताया जाता है कि वह PM मोदी के दौरे के मद्देनजर व्यवस्थाओं का कथित रूप से जायजा … Read more

कोरोनाकाल की पहली दिवाली पर उनके घरों में भी दीये जलेंगे !

By Amit Srivastava फ़र्ज़ करो कोरोनाकाल की पहली दिवाली पर ये सारी बातें झूठी हों अफ़साने हों ————————— चलन के हिसाब से दूसरे छोर पर कुछ फौरी निष्कर्ष हैं जिन्हें सुनकर पानी के बुलबुलों के बराबर सुकून मिलता है. मैं इन बुलबुलों के पार देखने की कोशिश करता हूँ. आंखों में कोई चीज़ चुभती है. … Read more

दो टूक बात ! हिंदी, पोर्न के मामले में एक गरीब भाषा है !

By Amit Srivastava दो टूक बात करनी थी. दो टुकड़े सीरीज़ कम फ़िल्म (ज़्यादा) के बारे में एक ही लपेट में पेश हैं. पहली दो टूक बात ये कि कुछ महीनों पहले ‘रसभरी’ वेब सीरीज़ आई थी. स्वरा बेहद क्षमतावान और संभावनाशील (दोनों शब्दों का एक ही मतलब छानने वाले इस पोस्ट का भी मतलब … Read more

पत्रलेखन ‘नए-भारत’ में कला है या फिर बला !

By सुशील राय पत्राचार में पत्र और आचार सब हो गये तार-तार, फिर भी जय बोलो माननीय की जय बोलो सरकार! संवैधानिक पदों पर बैठे माननीयों के बीच ‘पत्राचार’ देखकर तो यही लगता है कि ये ‘पत्र’ नहीं बल्कि कोई तीर थे। जो एक-दूसरे को गहरी चुभन देने के लिए तेजी से आगे निकल गये। … Read more

News Content: खबर से संबंध जोड़ कर कार्टून विधा का अपमान न करें !

By Bhupesh Pant पिछले काफ़ी समय से गोदी मीडिया की चिल्लपों और सत्ता के पक्ष में तलवा चाटू प्रतियोगिता ने रीढ़ युक्त पत्रकारों और ख़बरों की समझ रखने वाले दर्शकों को न्यूज़ चैनलों से दूर किया है। दर्शक सोशल मीडिया में ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जो अपने मन की नहीं उनके बुनियादी मुद्दों और … Read more

Crocodile Tears: हिमालय से ‘इश्क’ कीजिए, बेमतलब आंसू मत बहाइए !

By Rahul Singh Shekhawat हिमालय महज एक खूबसूरत पहाड़ ही नहीं बल्कि मानव सभ्यता पर एक बड़ी नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक जिम्मेदारी है। अगर आपने जिंदगी में एक बार भी यहां सैर सपाटा किया है, तो फिर उसके संरक्षण का दायित्व बन जाता है। जिसके लिए आपको साल में एक दिन के लिए पर्यावरण या … Read more

Teacher’s Day: बचाओ-बचाओ, शिक्षक करहा रहे या शिक्षा !

By Amit Srivastava हैप्पी टीचर्स डे!  लेकिन* शिक्षकों की जितनी छीछालेदर इस ज़माने में हुई और बादस्तूर जारी है उतनी कभी नहीं हुई. उसके अपने विद्यार्थियों के सामने एक पत्रकार बंधु साढ़े बारह इंच के डंडे वाला माइक शिक्षक के मुँह से साढ़े छः मिलीमीटर की दूरी पर स्थापित करके पूछते हैं ‘का ए गुरुजी इस्कूल … Read more